Have Set Target To Play For Senior Indian Cricket Team In One And Half Year Says Yash Dhull: अंडर-19 विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान यश धुल का सपना अगले 18 महीने में सीनियर टीम में जगह बनाना है. 19 साल के इस क्रिकेटर ने दिल्ली की रणजी टीम में जगह बनाकर इस ओर कदम भी बढ़ा दिए हैं. 

विश्व चैम्पियन बनने के बाद पिछले दो दिनों में यश धुल ने वेस्टइंडीज से भारत पहुंचने और फिर सम्मान समारोह के लिए अहमदाबाद जाने के बाद राज्य की टीम से जुड़ने के क्रम में कितने विमान बदले उन्हें यह भी याद नहीं है. 

विश्व चैम्पियन बनने के सपने को पूरा करने के दौरान दो महीने तक परिवार से दूर रहे धुल को अपने माता-पिता से मुलाकात करने का सिर्फ आधे घंटे का समय मिला. धुल गुरुवार को तड़के दिल्ली पहुंचने के बाद अपने स्कूल बाल भवन पहुंचे, जहां उन्होंने उन लोगों से मुलाकात की जिन्होंने उनकी एक सफल क्रिकेटर बनने में मदद की थी.

इसके दो घंटे के बाद उन्हें रणजी टीम के साथ गुवाहाटी रवाना होना था. स्कूल और एयरपोर्ट के बीच धुल को अपने घर में सिर्फ नहाने और तैयार होने का समय मिला. विश्व कप जीतने के बाद धुल को ठीक से सोने का भी समय नहीं मिला है.

यश धुल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से कहा, मैं पिछले कुछ दिनों से मुश्किल से अपनी नींद पूरी कर पाया हूं. हालांकि, ऐसा कुछ नहीं है जिसके बारे में मैं शिकायत कर सकता हूं. मैंने अब तक जो किया है वह बीत गया. अब मुझे इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि निकट भविष्य में क्या है.

अंडर-19 विश्व कप के ज्यादातर क्रिकेटरों को राष्ट्रीय टीम में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पता है, लेकिन धुल ने अपना लक्ष्य तैयार कर रखा है. वह अगले 18 महीने में राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना चाहते है.

उन्होंने कहा, यह मेरा लक्ष्य है, अगर मैं 18 महीने की समय सीमा में ऐसा करने में सक्षम नहीं हूं तो भी मैं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने तक कड़ी मेहनत करता रहूंगा.   

धुल विराट कोहली और उन्मुक्त चंद के बाद इस खिताब को जीतने वाले दिल्ली के तीसरे कप्तान हैं. कोहली ने इस कारनामे के बाद सफलता के शिखर को छुआ तो वहीं चंद का करियर ग्राफ ज्यादा आगे नहीं बढ़ सका.

धुल से जब पूछा गया कि विश्व कप सफलता के बाद शीर्ष स्तर पर असफलता का डर है तो उन्होंने कहा, आपने जो नाम (कोहली और चंद) लिए हैं, मैं उस तरह से कुछ नहीं सोच रहा हूं. मैं विनम्र रहना चाहता हूं और भविष्य के बारे में ज्यादा सोचना नहीं चाहता हूं. विराट भाई ने मेरे साथ अपना अनुभव साझा किया कि अंडर-19 विश्व कप (2008) के बाद उनके साथ क्या हुआ था.

हालांकि, कोहली ने अंडर-19 टीम के साथ विश्व कप जीतने से पहले रणजी ट्रॉफी खेल लिया था. लेकिन धुल ने अंडर-19 स्तर पर भी अभी तक लाल गेंद से क्रिकेट नहीं खेला है. धुल का मानना है कि वह इस बदलाव के लिए तैयार है. 

उन्होंने कहा, मुझे लाल गेंद के खेल के लिए अपनी मानसिकता बदलनी होगी. तैयारी थोड़ी अलग होगी. मुझे नहीं लगता कि यह सफेद गेंद से बहुत अलग और कठिन होगी. लाल गेंद शुरू में थोड़ी ज्यादा हरकत करती है, लेकिन कुछ समय बिताने के बाद बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है. यह मानसिकता और शारीरिक फिटनेस के बाद में है.

भारतीय टीम के अभियान के दौरान यश धुल कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद सात दिनों तक क्वारंटीन में थे. हालांकि, क्वार्टर फाइनल से पहले एक दिन का नेट सत्र उनकी वापसी के लिए काफी था. उन्होंने कहा, आइसोलेशन के पहले दो दिन काफी मुश्किल थे. उसके बाद मैंने कमरे में ही अभ्यास करना शुरू किया. मानसिक रूप से मैं तैयार था. मैंने पिछले कुछ वर्षों से इस प्रतियोगिता के लिए अपनी तैयारी की थी.

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