भारत की नजरें रिकॉर्ड पांचवें खिताब पर है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मुश्किल भी नहीं लग रहा। दूसरी ओर इंग्लैंड का इरादा भी इतिहास रचने का है और दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है।

नॉर्थ साउंड (एंटीगा)| पिछले 14 सत्र में आठ बार फाइनल खेलकर चार खिताब जीत चुकी भारतीय टीम अंडर 19 विश्व कप इतिहास की सबसे कामयाब टीम है और इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार को फाइनल में यश धुल की टीम इस दबदबे पर मुहर लगाने के इरादे से उतरेगी।

भारत की नजरें रिकॉर्ड पांचवें खिताब पर है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मुश्किल भी नहीं लग रहा। दूसरी ओर इंग्लैंड का इरादा भी इतिहास रचने का है और दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है।

मैदान से बाहर कोरोना संक्रमण से जूझने के बावजूद भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचने में दिक्कत नहीं आई जो खिलाड़ियों की प्रतिभा और टीम की गहराई की बानगी पेश करती है। कप्तान धुल और उपकप्तान शेख रशीद संक्रमण के कारण तीन में से दो मैच नहीं खेल सके थे।

संक्रमित खिलाड़ियों में सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए धुल ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार शतक जड़ा। वहीं रशीद ने भी 95 रन की पारी खेली।
सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी और हरनूर सिंह सेमीफाइनल में चल नहीं सके और फाइनल में उन्हें अत्यधिक रक्षात्मक खेलने से बचना होगा।

धुल और रशीद ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब शुरूआत के बाद जिस तरह से पारी को संभाला, उससे उनकी परिपक्वता नजर आई।
मौजूदा टीम में से कुछ ही खिलाड़ी सीनियर स्तर पर खेल सकेंगे लेकिन शनिवार को अपने प्रदर्शन से आईपीएल की आगामी मेगा नीलामी के लिये टीमों का ध्यान खींचने में जरूर कामयाब होगा।

यानी उनके पास अपनी तकदीर बदलने का यह सुनहरा मौका है।
बल्लेबाजी में जहां व्यक्तिगत प्रदर्शन देखने को मिला , वहीं गेंदबाजों ने एक ईकाई के रूप में प्रभावित किया है।

राजवर्धन हंगरगेकर और रवि कुमार ने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को परेशान किया तो विकी ओस्तवाल ने स्पिन गेंदबाजी का मोर्चा बखूबी संभाला। वह 10 .75 की औसत से 12 विकेट ले चुके हैं।
रशीद ने कहा ,‘‘ हमारी टीम बहुत अच्छी है और हम फाइनल जीतेंगे।’’
अंडर 19 सितारों को धुरंधरों से भी काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। 2008 में अंडर 19 टीम के कप्तान के तौर पर विश्व कप जीतने वाले विराट कोहली ने उन्हें बताया कि फाइनल का दबाव कैसे झेलना है।

खिताब और भारत के बीच इंग्लैंड की टीम है जो आखिरी बाद 1998 में फाइनल में पहुंची थी जब उसने अब तक का एकमात्र खिताब जीता था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तनावपूर्ण सेमीफाइनल के बाद अब इंग्लैंड की नजरें 24 साल से खिताब का इंतजार खत्म करने पर लगी है। टूर्नामेंट में भारत की तरह की अपराजेय रही टॉम प्रेस्ट की टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। प्रेस्ट अभी तक 73 की औसत से 292 रन बना चुके हैं जबकि तेज गेंदबाज जोशुआ बॉयडेन ने 13 विकेट लिये हैं।

भारतीय बल्लेबाजों कोकलाई के स्पिनर रेहान अहमद को संभलकर खेलना होगा जो बीच के ओवरों में विकेट ले रहे हैं।
फाइनल का नतीजा जो भी हो , भारतीय युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है लेकिन अपने लिये इतने ऊंचे मानदंड कायम करने वाले इन खिलाड़ियों का लक्ष्य अब इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का होगा।

टीम :
भारत : यश धुल (कप्तान), हरनूर सिंह, अंगकृष रघुवंशी, शेख रशीद, निशांत सिंधू, सिद्धार्थ यादव, अनीश्वर गौतम, मानव पारख, कौशल ताम्बे, राजवर्धन हंगरगेकर, विकी ओस्तवाल, गर्व सांगवान, दिनेश बाना, आराध्य यादव, राज बावा, वासु वत्स, रवि कुमार।
इंग्लैंड : टॉम प्रेस्ट (कप्तान), जॉर्ज बेल, जोशुआ बॉयडेन, एलेक्स होर्टन, रेहान अहमद, जेम्स सेल्स, जॉर्ज थॉमस, थॉमस एस्पिनवाल, नाथन बर्नवेल, जैकब बेथेल, जेम्स कोलेस, विलियम लक्सटन, जेम्स रियू, फतेह सिंह, बेंजामिन क्लिफ।
मैच का समय : शाम 6.30 से।

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