स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 04 Mar 2022 09:14 PM IST

सार

आईपीएल शुरू होने से पहले कोई भी राजस्थान की टीम को फेवरेट नहीं मान रहा था, लेकिन स्पिन के जादुगर का जादू उस आईपीएल में भी चला था और कागज पर कमजोर दिखने वाली टीम को चैंपियन बनाया था। 


शेन वॉर्न और राजस्थान रॉयल्स की टीम
– फोटो : सोशल मीडिया

ख़बर सुनें

विस्तार

एक जून, 2008 की तारीख को कौन भूल सकता है। यह वही तारीख है, जब शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स की टीम आईपीएल की पहली चैंपियन बनी थी। आईपीएल शुरू होने से पहले कोई भी राजस्थान की टीम को फेवरेट नहीं मान रहा था, लेकिन स्पिन के जादुगर का जादू उस आईपीएल में भी चला था और कागज पर कमजोर दिखने वाली टीम को चैंपियन बनाया था। 

on this day in 2008: rajasthan royals defeated chennai super kings to win  inaugural season of ipl | cricket news

2008 में राजस्थान रॉयल्स की टीम कुछ इस प्रकार थी- शेन वॉर्न (कप्तान), स्वप्निल असनोदकर, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद कैफ, कामरान अकमल, आदित्य अगेल, सुमति खत्री, तरुवर कोहली, डैरन लेहमैन, पराग मोर, मोर्ने मॉर्कल, पंकज सिंह, नीरज पटेल, मुनफ पटेल, यूसुफ पठान, महेश रावत, अनूप रेवांदकर, दिनेश सलूंखे, जयदेव शाह, ग्रीम स्मिथ, सोहेल तनवीर, सिद्धार्थ त्रिवेदी, शेन वॉटसन, यूनिस खान, जस्टिन लैंगर और दिमित्री मैस्करेनहॉस शामिल थे। 

तब चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर जैसी टीमों को मजबूत माना जाता था। हार या जीत पर  वॉर्न अपनी टीम से सिर्फ एक ही चीज कहते थे- जीत को सिर पर नहीं चढ़ाओ, हार पर ज्यादा निराश भी न हो।

column | when warne whipped up magic with rajasthan royals | ipl news |  onmanorama

एक युवा टीम को तब वॉर्न के रूप में एक समझदार और अनुभवी कप्तान मिला था। उनके नेतृत्व में राजस्थान ने सीएसके, आरसीबी, केकेआर जैसे दिग्गज टीमों को हराया था और सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। राजस्थान की टीम ग्रुप स्टेज में नंबर एक पर रही थी। सेमीफाइनल में राजस्थान का सामना दिल्ली डेयरडेविल्स टीम से हुआ था। दिल्ली डेयरडेविल्स को अब दिल्ली कैपिटल्स के नाम से जाना जाता है। राजस्थान ने दिल्ली को 105 रन के भारी अंतर से हराया था।

सेमीफाइनल में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में नौ विकेट पर 192 रन बनाए। इसमें यूसुफ पठान (21 गेंद, 45 रन), शेन वॉटसन (29 गेंद, 52 रन), ग्रीम स्मिथ (21 गेंद, 25 रन) और स्वप्निल असोनदकर (21 गेंद, 39 रन) का अहम योगदान रहा था। इसके जवाब में दिल्ली की टीम 16.1 ओवर में 87 रन पर ढेर हो गई थी। राजस्थान की ओर से मुनफ पटेल और शेन वॉटसन ने तीन-तीन विकेट लिए थे। वहीं, कप्तान वॉर्न ने दो विकेट लिए थे।

how shane warne led rajasthan royals to the ipl title in 2008 - last word  on cricket

दूसरे सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स ने पंजाब किंग्स को हराया था और फाइनल में जगह बनाई। 2008 आईपीएल का फाइनल मुकाबला मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला गया था। इस मैच में राजस्थान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया। चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट गंवाकर 163 रन बनाए। चेन्नई की ओर से सुरेश रैना ने 30 गेंदों पर 43 रन और पार्थिव पटेल ने 33 गेंदों पर 38 रन की पारी खेली थी। 

164 रन के लक्ष्य को राजस्थान की टीम ने आखिरी गेंद पर सात विकेट खोकर हासिल किया था। तब आरआर टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और 42 रन तक टीम ने तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद स्वप्निल ने 20 गेंदों पर 28 रन और शेन वॉटसन ने भी 19 गेंदों पर 28 रन की पारी खेली। बाद में यूसुफ पठान ने 39 गेंदों पर ताबड़तोड़ 56 रन बनाए और टीम को जीत के नजदीक पहुंचा दिया। 

rajasthan royals on twitter: "#onthisday in 2008 - the royals created  history with the highest @ipl chase ever. 😍 any guesses on who broke this  record last year? 😌 #hallabol https://t.co/z2cmsnfe42" / twitter

143 पर राजस्थान का सातवां विकेट गिरा था। आखिरी ओवर में खुद शेन वॉर्न और सोहेल तनवीर बल्लेबाजी कर रहे थे। इन दोनों ने ही टीम को चैंपियन बनाया था। विनिंग रन बनाने के बाद पूरी टीम ने वॉर्न को कंधों पर उठा लिया था और स्टेडियम का चक्कर भी लगाया था। वॉर्न ऑस्ट्रेलिया के कप्तान कभी नहीं बन पाए, लेकिन जिस प्रकार उन्होंने राजस्थान टीम की कमान संभाली थी और चैंपियन बनाया, वह इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया।

rajasthan royals appoint shane warne as brand ambassador, team mentor for  ipl 2020 | cricket news

Source

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here